Thursday, November 3, 2016

शकुन / अपशकुन

 

पल्ली/ छिपकली का गिरना

आमतौर पर छिपकली को घरों में पसंद नहीं किया जाता। लोगों को इससे भय लगता है। शकुन शास्त्र के मुताबिक यह मनुष्य के जिस अंग पर गिरती है, उसके अनुसार उसे फल मिलता है।

1- शकुन शास्त्र के अनुसार, अगर छिपकली महिला के बाएं अंग पर गिरती है तो इससे शुभ फल मिलता है। वहीं, महिला के दाएं अंग पर छिपकली का गिरना शुभ नहीं माना गया है।

2- पुरुषों के लिए यह ठीक विपरीत है। अगर पुरुष के दाएं अंग पर छिपकली गिरे तो यह शुभ फल देने वाली घटना कही जाती है। अगर बाएं अंग पर गिरे तो इससे अशुभ फल मिलता है।

3- इसी प्रकार अगर किसी की नाभि पर छिपकली गिरे तो यह सबसे ज्यादा शुभ फलदायक मानी जाती है। कहते हैं कि इससे मनुष्य के मन की सबसे बड़ी कामना शीघ्र पूर्ण होती है।

4- इस मान्यता के अनुसार, अगर छिपकली पुरुष के माथे पर दाईं ओर गिरती है तो उसे शीघ्र ही धन-संपत्ति मिलती है और महिला के माथे पर बाईं ओर गिरे तो उसे भी वही फल मिलता है।

5- यदि किसी महिला के बाएं कान पर छिपकली गिरे तो यह भी फायदेमंद मानी जाती है। कहा जाता है कि इससे उसे आभूषण की प्राप्ति होती है।

अगर पुरुष के दाएं कान पर छिपकली गिरे तो इसका संबंध उसकी उम्र से जोड़ा जाता है। मान्यता के अनुसार, इससे पुरुष की उम्र बढ़ती है।

6- पुरुष के दाएं पैर पर छिपकली गिरना शुभ माना गया है। इससे उसे कारोबार या सफर में फायदा होता है। वहीं, महिला के बाएं पैर पर छिपकली गिरने से उसे भी सफर या किसी कार्य में लाभ होना माना जाता है। अगर महिला के दाएं और पुरुष के बाएं पैर पर छिपकली गिरे तो यह हानि का संकेत माना जाता है।

पल्ली पतन के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए किसी भी धर्म स्थान में जाकर किसी भी देवी/देवता पर प्रसाद चढ़ाकर बांट दें मुक्ति मिलेगी।

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छींक विचार

यदि घर से निकलते समय कोई सामने से छींकता है तो कार्य में बाधा आती है। अगर एक से अधिक बार छींकता है तो कार्य सरलता से संपन्न हो जाता है।

यदि कोई व्यक्ति दिन के प्रथम प्रहर में पूर्व दिशा की ओर छींक की ध्वनि सुनता है तो उसे अनेक कष्ट झेलने पड़ते हैं। दूसरे प्रहर में सुनता है तो देह कष्ट, तीसरे प्रहर में सुनता है तो दूसरे के द्वारा स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति और चौथे प्रहर में सुनता है तो किसी मित्र से मिलना होता है।

शकुन शास्त्र के अनुसार किसी प्रवासी(कोई मित्र या रिश्तेदार) के जाते समय कोई उसके बाईं ओर छींकता है तो यह अशुभ संकेत है। अगर जरुरी न हो तो ऐसी यात्रा टाल देनी चाहिए।

कोई वस्तु क्रय करते समय यदि छींक आ जाए तो खरीदी गई वस्तु से लाभ होता है। सोने से पूर्व और जागने के तुरंत बाद छींक की ध्वनि सुनना अशुभ माना जाता है।

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पशु-पक्षी

किसी कार्य या यात्रा पर जाते समय कुत्ता बैठा हुआ हो और वह आप को देख कर चौंके, तो विघ्न हो।
किसी कार्य पर जाते समय घर से बाहर कुत्ता शरीर खुजलाता हुआ दिखाई दे तो कार्य में असफलता मिलेगी या बाधा उपस्थित होगी।

यदि आपका पालतू कुत्ता आप के वाहन के भीतर बार-बार भौंके तो कोई अनहोनी घटना अथवा वाहन दुर्घटना हो सकती है। यदि कीचड़ से सना और कानों को फड़फड़ाता हुआ दिखाई दे तो यह संकट उत्पन्न होने का संकेत है।
आपस में लड़ते हुए कुत्ते दिख जाएं तो व्यक्ति का किसी से झगड़ा हो सकता है। शाम के समय एक से अधिक कुत्ते पूर्व की ओर अभिमुख होकर क्रंदन करें तो उस नगर या गांव में भयंकर संकट उपस्थित होता है।

यदि कुत्ता मकान की दीवार खोदे तो चोर भय होता है।

यदि कुत्ता घर के व्यक्ति से लिपटे अथवा अकारण भौंके तो बंधन का भय उत्पन्न करता है।

चारपाई के ऊपर चढ़ कर अकारण भौंके तो चारपाई के स्वामी को बाधाओं तथा संकटों का सामना करना पड़ता है।
कुत्ते का जलती हुई लकड़ी लेकर सामने आना मृत्यु भय अथवा भयानक कष्ट का सूचक है।

पद्गाओं के बांधने के स्थान को खोदे तो पद्गा चोरी होने का योग बने। कहीं जाते समय कुत्ता श्मद्गान में अथवा पत्थर पर पेदगाब करता दिखे तो यात्रा कष्टमय हो सकती है, इसलिए यात्रा रद्द कर देनी चाहिए।

गृहस्वामी के यात्रा पर जाते समय यदि कुत्ता उससे लाड़ करे तो यात्रा अद्गाभ हो सकती है।

बिल्ली दूध पी जाए तो अपद्गाकुन होता है।

यदि काली बिल्ली रास्ता काट जाए तो अपद्गाकुन होता है। व्यक्ति का काम नहीं बनता, उसे कुछ कदम पीछे हटकर आगे बढ़ना चाहिए।

यदि सोते समय अचानक बिल्ली शरीर पर गिर पड़े तो अपद्गाकुन होता है। बिल्ली का रोना, लड़ना व छींकना भी अपद्गाकुन है।

जाते समय बिल्लियां आपस में लड़ाई करती मिलें तथा घुर-घुर शब्द कर रही हों तो यह किसी अपद्गाकुन का संकेत है। जाते समय बिल्ली रास्ता काट दे तो यात्रा पर नहीं जाना चाहिए।

गाएं अभक्ष्य भक्षण करें और अपने बछड़े को भी स्नेह करना बंद कर दें तो ऐसे घर में गर्भक्षय की आद्गांका रहती है। पैरों से भूमि खोदने वाली और दीन-हीन अथवा भयभीत दिखने वाली गाएं घर में भय की द्योतक होती हैं।

गाय जाते समय पीछे बोलती सुनाई दे तो यात्रा में क्लेद्गाकारी होती है। घोड़ा दायां पैर पसारता दिखे तो क्लेद्गा होता है।

 

ऊंट बाईं तरफ बोलता हो तो क्लेद्गाकारी माना जाता है।

यदि जाते वक्त नेवला दिखाई पड़े तो- बहुत शुभ होता है। नेवला वाले स्थान की मिट्टी उठाकर आप-अपने घर में रखें जिससे धन एंव समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।

हाथी बाएं पैर से धरती खोदता या अकेला खड़ा मिले तो उस तरफ यात्रा नहीं करनी चाहिए। ऐसे में यात्रा करने पर प्राण घातक हमला होने की संभावना रहती है।

प्रातः काल बाईं तरफ यात्रा पर जाते समय कोई हिरण दिखे और वह माथा न हिलाए, मूत्र और मल करे अथवा छींके तो यात्रा नहीं करनी चाहिए। जाते समय पीठ पीछे या सामने गधा बोले तो बाहर न जाएं।

पक्षियों का अपद्गाकुन सारस बाईं तरफ मिले तो अशुभ फल की प्राप्ति होती है।

सूखे पेड़ या सूखे पहाड़ पर तोता बोलता नजर आए तो भय तथा सम्मुख बोलता दिखाई दे तो बंधन दोष होता है। मैना सम्मुख बोले तो कलह और दाईं तरफ बोले तो अशुभ हो।

बत्तख जमीन पर बाईं तरफ बोलती हो तो अशुभफल मिले। बगुला भयभीत होकर उड़ता दिखाई दे तो यात्रा में भय उत्पन्न हो। यात्रा के समय चिड़ियों का झुंड भयभीत होकर उड़ता दिखाई दे तो भय उत्पन्न हो।

घुग्घू/उल्लू बाईं तरफ बोलता हो तो भय उत्पन्न हो। अगर पीठ पीछे या पिछवाड़े बोलता हो तो भय और अधिक बोलता हो तो शत्रु ज्यादा होते हैं। धरती पर बोलता दिखाई दे तो स्त्री की और अगर तीन दिन तक किसी के घर के ऊपर बोलता दिखाई दे तो घर के किसी सदस्य की मृत्यु होती है।

कबूतर दाईं तरफ मिले तो भाई अथवा परिजनों को कष्ट होता है। लड़ाई करता मोर दाईं तरफ शरीर पर आकर गिरे तो अशुभ माना जाता है। लड़ाई करता मोर दाईं तरफ शरीर पर आकर गिरे तो अशुभ माना जाता है।

बिल्ली की धूलि शुभ प्रारब्ध का हरण करती है। (नारद पुराणः पूर्व भागः 26.32)

कुत्ता रखने वालों के लिए स्वर्गलोक में स्थान नहीं है। उनका पुण्य क्रोधवश नामक राक्षस हर लेते हैं। (महाभारत महाप्रयाण पर्वः 3.10)

 

झाड़ू

जब घर में झाड़ू का इस्तेमाल न हो, तब उसे नजरों के सामने से हटाकर रखना चाहिए।

झाड़ू को कभी भी खड़ा नहीं रखना चाहिए।

ध्यान रहे झाड़ू पर जाने-अनजाने पैर नहीं लगने चाहिए, इससे महालक्ष्मी का अपमान होता है।

झाड़ू हमेशा साफ रखें।

ज्यादा पुरानी झाड़ू को घर में न रखें।

झाड़ू को कभी जलाना नहीं चाहिए।

शनिवार को पुरानी झाड़ू बदल देना चाहिए।- शनिवार के दिन घर में विशेष साफ-सफाई करनी चाहिए।

घर के मुख्य दरवाजा के पीछे एक छोटी झाड़ू टांगकर रखना चाहिए। इससे घर में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

नए घर में पुराना झाड़ू ले जाना अशुभ होता है।

उलटा झाडू रखना अपद्गाकुन माना जाता है।

अंधेरा होने के बाद घर में झाड़ू लगाना अशुभ होता है। इससे घर में दरिद्रता आती है।

यदि कोई छोटा बच्चा अचानक झाड़ू लगाने लगे तो अनचाहे मेहमान घर में आते हैं।

किसी के बाहर जाते ही तुरंत झाड़ू लगाना अशुभ होता है।

यदि आप पैसों की तंगी से परेशान है। धन कमाने के आपके सभी प्रयास विफल हो जातेे है तो रविवार या सोमवार के दिन बाजार से तीन झाड़ू खरीदकर लाएं। अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में सभी नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं। इसके बाद अपने घर के आसपास किसी मंदिर में वह तीनों झाड़ू रख आएं। ध्यान रहे झाड़ू ले जाते समय और मंदिर रखते समय आपको कोई देखे नहीं। यदि किसी ने आपको देख लिया तो इस उपाय का प्रभाव समाप्त होने संभावना रहती है। यदि यह उपाय ठीक से कर लिया जाएगा तो शीघ्र ही पैसा से जुड़ी तमाम समस्याएं दूर हो जाएंगी। ध्यान रखें इसके साथ आपको अपने प्रयास भी करने पड़ेंगे।

 

दूध

दूध का बिखर जाना अशुभहोता है।

बच्चों का दूध पीते ही घर से बाहर जाना अपशकुन माना जाता है।

स्वप्न में दूध दिखाई देना अशुभ माना जाता है। इस स्वप्न से स्त्री संतानवती होती है।

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